Wednesday, 8 September 2021

*माया मोह छल कपट से जो दूर मन निर्मल है भगवान के सच्चे भक्त हैं- पंडित प्रेम प्रकाश जी महाराज**आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज*

*माया मोह छल कपट से जो दूर मन निर्मल है भगवान के सच्चे भक्त हैं- पंडित प्रेम प्रकाश जी महाराज*

*आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज*

लखीमपुरखीरी।विकासखंड मितौली पिपरझला से हरगांव मार्ग पर स्थित दतेली कला ब्रह्म देव स्थान पर कथावाचक पंडित प्रेम प्रकाश अवस्थी द्वारा सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन में कथावाचक पंडित प्रेम जी महाराज द्वारा मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए भक्तजनों को बताया गया प्रभु कहते हैं जिसका मन निर्मल है माया मोह कपट से रहित सदैव फर्स्ट की भावना रहती है ऐसे मनुष्य मुझको आसानी से प्राप्त कर सकते हैं श्री रामचरितमानस में वर्णन करते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है *निर्मल मन जन सो मोहि पावा,मोहि कपट छल छिद्र न भावा*

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