मोहमदी जनपद लखीमपुर खीरी उ0 प्र0 में रंग महोत्सव (होली) का पर्व बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है, जिसकी तैयारी एक माह पहले से ही प्रारम्भ हो जाती है, पाँच दिवसीय चलने बाले इस पर्व में बर्तमान में यज्ञ व फूलों की होली,काव्य गोष्ठी, होलिका दहन, शोभायात्रा, होली मिलन का मेला आदि लगते हैं ।
प्रसिद्ध समाजसेवी व व्यवसायी स्व0 ला0 कामेश्वर दयाल रस्तोगी ने सर्वप्रथम सन 1950 में रंग महोत्सव की शोभायात्रा यात्रा निकलवाना प्रारम्भ किया जो आज भी अनवरत जारी है,
लोक भारती के जिला संयोजक व युवा समाज सेवा समिति के अध्यक्ष अतुल रस्तोगी ने बताया कि पहले शोभायात्रा में लोक गायकों की एक टोली चला करती थी जो होली का फाग गाती थी जिसे होरी गायन कहते थे, यह टोली मृदंग, चिमटा मजीरा ढोलक थाली आदि को बजाकर इतने सुंदर लोकगीत गाते थे कि उपस्थित लोग स्वतः ही उनके साथ नाचने गाने लगते थे, उस जमाने मे लाउड स्पीकर आदि की जरूरत नहीं पड़ती थी, नगर के प्रमुख मार्गों पर यह शोभायात्रा निकाली जाती थी जिसमें आगे लोक गायकों की टोली व पीछे रंग से भरी बैल गाड़ी चलती थी जिसमें बड़ी बड़ी पिचकारियों से रंग भरकर लोगों पर डाला जाता था आज भी यह पिचकारी प्रयोग होती हैं औऱ इनकी लंबाई 3 से 5 फीट तक की होती हैं। पूरा नगर एक साथ इस पर्व को बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाता रहा है,
शोभायात्रा संपन्न होने के बाद,यह टोली एक साल के अंदर जिन परिवारों में किसी व्यक्ति का निधन हो जाता था तो उनके घरों पर जाकर होली गाते थे, व संवेदना प्रकट करते थे,इसे होली का दुआरा बोलते हैं, यह क्रम निरन्तर प्रतिबर्ष चलता रहा।
बर्तमान में रंग महोत्सव की शोभायात्रा अपने भव्य स्वरूप में निकलती है जिसमे सबसे आगे झण्डा, डी जे, लिल्ली घोड़ी बैंड, भांगड़ा, रंग की ट्रॉलियां, प्रेशर मशीन से रंग, गुलाल मशीन, रंग के टैंकर, आदि चलते हैं और इनके ठीक पीछे मनोरम झाँकियाँ ट्रैक्टर ट्रालियों पर चलती हैं, झाँकियाँ पर नगर में कोई भी व्यक्ति रंग नही डालता है।
सन 1977 में फ्रेंड्स यूनियन द्वारा श्री राधाकृष्ण रंगारंग महोत्सव के नाम से बड़ा मंदिर बाजार गंज से दूसरे दिन की शोभायात्रा निकलना शुरू हुई जो अपनी भव्यता को लेकर काफी सराही गई, फ्रेंड्स यूनियन द्वारा सन 1977 से 1994 तक शोभायात्रा यात्रा निकाली गई, इसके बाद फ्रेंड्स क्लब द्वारा गल्ला मंडी बाजार गंज से शोभायात्रा निकाली जाती हैं जो आज भी अनवरत चल रही है।यह शोभायात्रा दूसरे दिन निकलती हैं।
प्रथम दिन की शोभायात्रा सन 1991 से युवा समाज सेवा समिति के माध्यम से निकाली जाती हैं जो आज भी अपने भव्य स्वरूप में अनवरत निकल रही है, इस शोभायात्रा में प्रतिबर्ष नई नई झाँकियाँ बनाई जाती हैं जिनमे श्री गणेश जी राधाकृष्ण सीताराम शंकर पार्वती दुर्गा काली बरसाना वृंदावन की झांकियों के अतिरिक्त सामाजिक जागरूकता का संदेश देने बाली झंकिया इस समिति की विशेषता हैं, जिनमे रूस- यूक्रेन युद्ध की बुलडोजर बाबा, काशी विश्वनाथ कॉरीडोर भारतमाता गायत्री माता गौतम बुद्ध के संदेश कारगिल के जवान सियाचिन के जवान , गौ रक्षा संरक्षण व उनका सम्बर्धन, गुजरात का भूकम्प वन संरक्षण जल संरक्षण अर्जुन टैंक। क्रिकेट विस्व कप जंगल की होली सर्व शिक्षा अभियान आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर अन्ना हजारे श्रवण कुमार पवन ऊर्जा स्वदेशी 26/11 मुंबई काण्ड हॉकी टीम अधूरे सपने झांसी की रानी कन्या भ्रूण हत्या क्लीन मोहमदी ग्रीन मोहमदी भारत विकास परिषद इसरो उपग्रह प्रक्षेपण। स्वच्छ भारत विंग कमांडर अभिनंदन कोविड से बचाव,श्रीराम मंदिर, आदि झंडियां बहुत सराही गई है।
रंग महोत्सव आपसी सहयोग व स्नेह का उत्तम उदाहरण है जिसमें अधिकांश सामग्री निःशुल्क ही आती हैं जैसे ट्रैक्टर ट्राली टैंकर तख्त बैलगाड़ी व अन्य सामान आदि।
सर्वप्रथम रंग महोत्सव शोभायात्रा यात्रा सन 1950 में स्व0 ला0 कामेश्वर दयाल रस्तोगी द्वारा प्रारंभ की गई।
सन 1991 से युवा समाज सेवा समिति द्वारा बर्तमान में अब तक अनवरत।
सन 1977 से सन 1994 तक फ्रेंड्स यूनियन द्वारा द्वतीय दिवस बाजार गंज से
सन 1995 से अब तक अनवरत फ्रेंड्स क्लब गल्ला मंडी बाजार गंज से द्वतीय दिवस।
सन 1964 से स्व0 ला0 कामेश्वर दयाल रस्तोगी द्वारा होली मिलन का मेला पौराणिक देविस्थान मंदिर में प्रारंभ करवाया गया जो आज भी लगता है।
प्रतिबर्ष फुलारी द्वीज से छोटी छोटी कन्याएं सायंकाल अपने साथ रंगोली का सामान लिए हुए होली के गीत गाकर रंगोली बनाती हैं।
शोभायात्रा के शुभारंभ में मा0 बिधायक, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, ब्लॉक प्रमुख, उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, व नगर के गणमान्य नागरिक गण उपस्थित रहते हैं।
दोनों दिन रंग के बाद सायंकाल में झुण्ड के झुण्ड लोग होली मिलन के लिये निकलते हैं।
मोहमदी का यह रंग महोत्सव सही अर्थों में आपसी सहयोग सौहार्द भाईचारा परस्पर सहयोग का उत्तम उदाहरण हैं।
अतुल रस्तोगी ने बताया कि इस वर्ष पाँच दिवसीय रंग महोत्सव में,
2 मार्च2026 सोमवार प्रातः 8 बजे आर्यसमाज मोहमदी द्वारा स्थानीय शिव मंदिर कहरौला बाजार खुर्द मोहमदी में यज्ञ व फूलों की होली,
2मार्च 2026 सोमवार रात्रि 7:30 से कवि सम्मेलन श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में।
3मार्च2026 रात्रि 12 के बाद होलिका दहन।
4मार्च2026 बुधवार प्रातः 9 बजे से अपराह्न 1:30तक श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर भीतर मोहमदी से भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण करेगी।
5मार्च2026 गुरुवार भव्य शोभायात्रा गल्ला मण्डी बाजार गंज मोहमदी से नगर भ्रमण करेगी।
6मार्च2026 शुक्रवार पूर्वाह्न 11बजे से पौराणिक देविस्थान मंदिर में होली मिलन का मेला।
अतुल रस्तोगी
युवा समाज सेवा समिति,
सह संयोजक लोक भारती अवध प्रान्त।
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