मोहम्मदी में बिना मानकों वाले अस्पताल और क्लीनिकों पर उठे सवाल
बड़े-बड़े डॉक्टरों के नाम वाले बोर्ड, लेकिन मौके पर डॉक्टर नदारद होने के आरोप—स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
मोहम्मदी खीरी। क्षेत्र में संचालित कुछ निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर अस्पताल या क्लीनिक के बाहर बड़े-बड़े चिकित्सकों के नाम और डिग्रियों वाले बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन मरीजों को उपचार के दौरान संबंधित डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं मिलते।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी चिकित्सक का नाम अस्पताल के बोर्ड पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है, तो मरीजों को यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि संबंधित डॉक्टर वास्तव में वहां किस समय उपलब्ध रहते हैं और उपचार कौन कर रहा है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या ऐसे प्रतिष्ठानों के मानकों, पंजीकरण, चिकित्सकों की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था की नियमित जांच की जा रही है? यदि किसी अस्पताल या क्लीनिक में नियमों की अनदेखी हो रही है तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
आम जनमानस के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण स्वास्थ्य विभाग से मांग है कि क्षेत्र के निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में पंजीकरण, निर्धारित मानक, चिकित्सकों की वास्तविक उपलब्धता, प्रशिक्षित स्टाफ और मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई करता है या फिर सब कुछ रूटीन कार्रवाई और कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रहता है।