*आजादी के बाद आज भी अपनी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है कस्बा बरबर*
*कहने को तो है नगर पंचायत का दर्जा लेकिन सेवाएं ग्रामीण स्तर से है बेबत्तर*
*अपनी बदहाली पर आसूं बहाने को मजबूर है नगर बरवर*
*ममता देवी मिनर्वा न्यूज़*
*सह तहसील संवाददाता मोहम्मदी खीरी*
*बरवर खीरी*
आजादी से लेकर आज तक बरवर नगर अपनी मूलभूत सुविधाएं से बंचित है नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त कस्बा बरवर आज भी अपनी मुलभुत सुविधाएं ना मिलने पर आसूं बहाने को मजबूर है लगभग 30-40 हजार की आवादी होने के बाबजूद आज भी नगर बरवर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कोई डिग्री कालेज नहीं जिससे नगर बरवर सहित की ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों का स्नातक की शिक्षा हासिल करने के लिए अपने नगर व गाँव से लगभग मौजूदा वक्त में बीस किलोमीटर जाना पड़ता था और लगभग सात साल पहले पचास किलोमीटर की दूरी पर पिहानी में नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे एडमिशन लिया करते थे स्नातक के शिक्षण संस्थान ना होने के कारण शिक्षा के क्षेत्र में आप भी काफी पिछड़ा नजर आता है बरवर जनप्रतिनिधि भी चुनाव के दौरान हवा हवाई दावा कर वोट लेने के बाद घूम कर भी नहीं देखे इंटर तक तो नगर सहित क्षेत्र के बच्चों को तो अच्छी शिक्षा मिल जाती है लेकिन स्नातक करने के लिए गैर जनपद व दुसरे कस्बो का सहारा लेना होता है बच्चों को अगर स्वास्थ्य सेवाओं पर बात की जाय तो लगभग 30 40 हजार आबादी होने के बावजूद नगर क्षेत्र में 1 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है इतनी आबादी होने के बावजूद नगर पंचायत बरवर में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होना अति आवश्यक है जिससे नगर सहित क्षेत्र के लोगों को अच्छी स्वस्थ सेवाएं मिल सके नगर बरवर के पिछड़ा पन का मुख्य कारण यह है की यह नगर राष्ट्रीय मार्ग (डामर रोड) के एक तरफ बसा हुआ है जिससे बाहर से आने बाले लोगों को बाहर से ही गुजरना हो जाता है और वो बरवर नगर को जान भी नहीं पाते यह कौन सा गाँव है क्षेत्र में कोई भी इंडस्ट्री ना होने के कारण काफी संख्या में नौजवान बेरोजगार भी है कृषि क्षेत्र से जुड़े होने के कारण कृषि क्षेत्र में काफी उन्नति पर है बरवर
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