Thursday, 9 September 2021

*तालिबान राज में टी20 वर्ल्ड कप के लिए अफगान टीम का ऐलान, राशिद खान ने दिया कप्तानी से इस्तीफा**आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*

*तालिबान राज में टी20 वर्ल्ड कप के लिए अफगान टीम का ऐलान, राशिद खान ने दिया कप्तानी से इस्तीफा*

*आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*
तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
इसका असर वहां के क्रिकेट पर भी पड़ा है. गुरूवार को अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार लेग स्पिनर राशिद खान ने कप्तानी के पद से इस्तीफा दे दिया है. कप्तानी से इस्तीफा देते हुए राशिद खान ने कहा कि आगामी टी 20 विश्व कप के लिए राष्ट्रीय टीम को अंतिम रूप देने से पहले उनकी राय नहीं मांगी गई थी।
राशिद खान के कप्तानी से इस्तीफे के बाद मुश्किल दौर से गुजर रहे अफगानिस्तान क्रिकेट बॉर्ड के सामने एक परेशानी खड़ी हो गई. उनकी जगह आनन-फानन में मोहम्मद नबी को टीम का नया कप्तान बनाया गया है।
अफगानिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप के लिए जो टीम चुनी है, उसमें विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद शहजाद को भी शामिल किया गया है. शहजाद पिछले तीन साल से आपसी विवाद के चलते टीम से बाहर चल रहे थे।.इसके अलावा इस टीम में ज्यादातर उन खिलाड़ियों को ही चुना गया है, जो पिछले कुछ समय से अफगानिस्तान की टीम का हिस्सा रहे हैं।
अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि, ‘कप्तान और देश के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में मैं टीम के चयन का हिस्सा बनने का अधिकार रखता हूं. चयन समिति और एसीबी ने उस टीम के लिए मेरी सहमति नहीं ली है, जिसकी घोषणा एसीबी मीडिया ने की है. मैं अफगानिस्तान टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ रहा हूं. अफगानिस्तान के लिए खेलना मेरे लिए हमेशा गर्व की बात रही है।
टी-20 वर्ल्ड कप के लिए अफगानिस्तान टीम: राशिद खान, रहमानुल्लाह गुरबाज, हजरातुल्लाह जजई, उस्मान गनी, अजगर अफगान, मोहम्मद नबी, नजीबुल्लाह जादरान, हस्मातुल्लाह शाहिदी, मोहम्मद शहजाद, मुजीब उर रहमान, करीम जनत, गुलबदिन नैब, नवीन उल हक, हामिद हसन, शराफुद्दीन अशरफ, कैस अहमद, शापूर जादरान, दौलत जादरान।

*सना खान का खुलासा, निकाह के समय नफरती लोगों ने कहा था- "6 महीने भी नहीं टिकेगी शादी"**आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*

*सना खान का खुलासा, निकाह के समय नफरती लोगों ने कहा था- "6 महीने भी नहीं टिकेगी शादी"*

*आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*
टीवी की दुनिया में नाम कमाकर सना खान ने कुछ समय पहले इस इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया था और आध्यात्मिक रास्ता अपना लिया था।
उनका कहना था कि वे खुशी से इंडस्ट्री छोड़ रही हैं. इसी के साथ उन्होंने सूरत के व्यापारी अनस सईद के साथ नवंबर 2020 में निकाह कर लिया था. इस शादी के बाद सना को कई तरह से ट्रोल किया गया. फैन्स ने अलग-अलग कमेंट्स दिए. किसी को सना का कपल नहीं समझ आया तो किसी को लगा कि यह जोड़ी ठीक नहीं है।
हेटर्स के कमेंट्स पर ध्यान न देते हुए इस अभिनेत्री ने अपनी नई जिंदगी में कदम रखा और कुछ ही समय में उनके निकाह के एक साल पूरे हो जाएंगे।
निकाह के समय को याद करते हुए सना कहती हैं कि वे कभी नहीं भूल सकती कि उन्हें लोगों ने ऐसे ऐसे कमेंट दिए थे, जिनसे उनका दिल बहुत दुखा था. कुछ ट्रोलर्स ने तो यहां तक कह दिया था कि उनकी और अनस सईद की शादी 6 महीने भी नहीं चलेगी और सना उन्हें छोड़कर इंडस्ट्री में वापस आ जाएंगी।
अक्टूबर 2020 में सना ने इंस्टाग्राम पर एक मैसेज लिखकर यह कहा था कि वे शोबीज छोड़कर धार्मिक राह पर चल पड़ी हैं और यह उनके जीवन का सबसे खुशी का पल है. इसके बाद ही नवंबर 2020 में सना ने अनस सईद से निकाह कर लिया था. बिग बॉस, खतरों के खिलाड़ी जैसे विभिन्न शोज से सना ने काफी प्रसिद्धि पाई थी. अभी भी उनकी फैन फॉलोइंग काफी लंबी है।

*5 मुस्लिम बॉलीवुड सितारें जो गणपति बप्पा में रखते हैं गहरी आस्था, धूमधाम से पूजा-अर्चना कर करते हैं सेलिब्रेट**आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*

*5 मुस्लिम बॉलीवुड सितारें जो गणपति बप्पा में रखते हैं गहरी आस्था, धूमधाम से पूजा-अर्चना कर करते हैं सेलिब्रेट*

*आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*
गणपति की धूम इस समय सब जगह देखने को मिल रही है।
गणपति बप्पा के जयकारे इस वक्त हर तरफ सुनने को मिल रहे हैं। वहीं बॉलीवुड में तो इस खास त्योहार की धूम कुछ अलग ही देखने को मिल रही है। भारतीय फिल्म उद्योग बॉलीवुड के सितारे जोर शोर से इस त्योहार को मना रहे हैं। वहीं खास बात ये है कि इस फेस्टिवल को हिंदू स्टार्स तो मनाते ही मनाते हैं, इसके अलावा कई और स्टार्स हैं जो कि अलग धर्म के होने के बावजूद इस पर्व को ख़ुशी-ख़ुशी एंजॉय करते हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में-

सलमान खान
बॉलीवुड के दबंग सलमान खान बप्पा के सबसे बड़े भक्त हैं। सलमान के परिवार में हर साल बप्पा का स्वागत होता है और धूमधाम से गणपति पूजा होती है। सलमान की बहन अर्पिता खान शर्मा की शादी के बाद स ये त्योहार उन्हीं के घर मनता है। हालांकि पहले ये त्योहार सलमान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में ही सेलब्रेट होता है।

सोहा अली खान
नवाबी खानदान से ताल्लुक रखने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस सोहा अली खान भी हर साल बप्पा की पूजा करती हैं। सोह खुद गणपति दर्शन के लिए जाती हैं। इस बार भी वो पति कुणाल खेमू और बेटी इनाया को लेकर गणपति दर्शन के लिए गईं थीं।

शाहरुख खान
बॉलीवुड के बादशाह खान शाहरुख खान भी बप्पा में खूब आस्था रखते हैं। किंग खान भी गणेश भगवान के त्योहार को मनाते हैं। शाहरुख के घर में भी बप्पा की पूजा होती है। पिछले साल ही शाहरुख खान ने अपने घर पर बप्पा का स्वागत किया था। हालांकि इस बार अभी कुछ जानकारी नहीं आई है।

सारा अली खान
 यूं तो सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान हर त्यौहार धूमधाम से मनाती हैं। गणेश चतुर्थी के साथ ही वो ईद, दिवाली भी सेलिब्रेट करती दिखती हैं। इस तस्वीर में वो बप्पा की मूर्ति के सामने हाथ जोड़े नजर आई।

सुज़ैन खान
बीते साल बॉलीवुड एक्ट्रेस सुज़ैन खान ने अपने एक्स हस्बैंड ऋतिक रोशन के साथ गणपति का वेलकम किया था। ऋतिक और उनके परिवार के साथ सुज़ेन ने भी गणपति का आगमन घर में किया था।

*सैफ अली खान- ज्यादा धार्मिक होना भी खतरनाक, मौ’त के बाद जीवन को नहीं मानता**आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*

*सैफ अली खान- ज्यादा धार्मिक होना भी खतरनाक, मौ’त के बाद जीवन को नहीं मानता*

*आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*
सैफ अली खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म “भूत पुलिस” के प्रमोशन में बिजी चल रहे हैं।
फिल्म में सैफ भूत-प्रेतों को वश में करने का काम करते दिखेंगे। एक्टर ने अपनी फिल्म की प्रमोशन के दौरान भूतों से जुड़ी बातें की वहीं उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा किस चीज पर विश्वास है जो उन्हें सकारात्मकता देती है।
ऐसे में सैफ अली खान ने बताया कि वह धार्मिक नहीं आध्यात्मिक रहना पसंद करते हैं। रियल लाइफ में वह खुद को रिलीजियस नहीं मानते। सैफ के मुताबिक ज्यादा धर्मिक हो जाने से उन्हें चिंता होती है और वह सोच से धर्मनिरपेक्ष हैं।
पीटीआई के मुताबिक, भूतों और ईश्वर को लेकर अपने विचारों पर बात करते हुए सैफ अली खान ने कहा, “मैं वास्तविक जीवन में अनीश्वरवादी हूं। मैं इस मायने में बहुत धर्मनिरपेक्ष हूं। मुझे लगता है कि बहुत अधिक धर्म मुझे चिंतित करता है क्योंकि वे मौत के बाद के जीवन पर ज्यादा जोर देते हैं और इस जीवन की बात नहीं करते हैं। मैंने पाया है कि बहुत ज्यादा धार्मिक होने पर आप एक संगठन का रूप लेने लगते हैं, जिसके साथ फिर बहुत सारी समस्याएं जुड़ जाती हैं। ऐसे में बहस छिड़ जाती है कि मेरे ईश्वर, या आपके ईश्वर या किसके ईश्वर बेहतर हैं। मैं इसलिए धार्मिक हूं, क्योंकि मैं सर्वोच्च शक्ति के अस्तित्व में विश्वास करता हूं । लेकिन वो सर्वोच्च शक्ति क्या है, मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं पता है।
सैफ ने आगे कहा, ‘मैं प्रार्थना करता हूं और अपनी एनर्जी को अपने कामों पर लगाता हूं। मैं धार्मिक होने की बजाए आध्यात्मिक ज्यादा हूं। मैं मौत के बाद के जीवन में विश्वास नहीं करता। मेरा मानना है कि जब हमारी डेथ होती है, उसके साथ सारी चीजें खत्म हो जाती हैं।’
‘‘भूत पुलिस’’ फिल्म करने का खास कारण बताते हुए एक्टर ने कहा, ‘फिल्म में कुछ ऐसा होना चाहिए, जोकि आपको पूरी फिल्म से जोड़े रहे। जब आप कोई कहानी सुनते हैं या कोई पटकथा पढ़ते हैं, तो आपके दिल और दिमाग फिल्म के सीन खुद ब खुद बनाने लगते हैं। मेरे साथ ऐसा हुआ।’
फिल्म के बारे में बात करते हुए सैफ ने कहा, ‘यह मेरे द्वारा पढ़ी गई बेहतर कहानियों में से एक है। मुझे लगता है कि फिल्म की कहानी में लोगों की अपेक्षा से कहीं अधिक गहराई है और यह वास्तव में एक दिलचस्प फिल्म है।
बता दें, ‘भूत पुलिस’ का निर्देशन पवन कृपलानी ने किया है। फिल्म में सैफ के किरदार का नाम विभूति है, जोकि पैसों के लिए भूतों को अपने वश में करता है। फिल्म में एक्टर अर्जुन कपूर भी अहम भूमिका में दिखाई देंगे।
‘भूत पुलिस’ 10 सितंबर को रिलीज हो रही है। कोविड के कारण फिल्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होगी। फिल्मम में सैफ अली खान और अर्जुन कपूर के अलावा यामि गौतम, जैकलीन फर्नांडीज और जावेद जाफरी भी अहम किरदार में दिखाई देंगे।

*बाराबंकी में ओवैसी ने दिया भड़काऊ भाषण, मोदी-योगी के लिए अभद्र भाषा बोली, केस दर्ज**आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*

*बाराबंकी में ओवैसी ने दिया भड़काऊ भाषण, मोदी-योगी के लिए अभद्र भाषा बोली, केस दर्ज*

*आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*

हैदराबाद से सांसद और AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी गुरुवार को बाराबंकी पहुंचे. यहां उन्होंने भाषण दिया, जिसके बाद उन पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है. बाराबंकी के एसपी ने बताया कि भाषण के दौरान उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
हैदराबाद से सांसद और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ बाराबंकी में केस दर्ज कर लिया गया है. असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) गुरुवार को बाराबंकी में थे और यहां उन्होंने भाषण दिया था, जिसके बाद उन पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है. बाराबंकी के एसपी ने बताया कि भाषण के दौरान उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) और सीएम योगी (CM Yogi) के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली में ओवैसी और आयोजक मंडल पर कोविड-19 गाइडलाइंस का उल्लंघन करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
बाराबंकी के एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि मोहल्ला चांदा में असदुद्दीन ओवैसी का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें कोविड-19 गाइडलाइंस का खुलेआम उल्लंघन किया गया, साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए भड़काऊ भाषण भी दिए गए।
उन्होंने बताया कि भाषण में कहा गया कि रामसनेही घाट में 100 साल पुरानी मस्जिद को तुड़वा दिया गया और वहां से उसका मलबा भी हटा दिया गया. ये बात वास्तविकता से बिल्कुल परे है. ऐसा कहके उन्होंने एक समुदाय विशेष को भड़काने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया है।
उन्होंने ये भी बताया कि भाषण के दौरान ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था. इसलिए ओवैसी और आयोजकों पर कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का केस दर्ज किया गया है. उनके खिलाफ धारा- 153ए, 188, 279 और 270 और महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

*मैगलगंज में यात्रियों के लिए न यात्री प्रतीक्षालय,न सुलभ शौचालय**एस.के. खान मिनर्वा न्यूज़*

*मैगलगंज में यात्रियों के लिए न यात्री प्रतीक्षालय,न सुलभ शौचालय*

*एस.के. खान मिनर्वा न्यूज़*

*मैगलगंज खीरी*।अपने रसगुल्लों की मिठास के लिए देश प्रदेश में प्रसिद्ध कस्बा मैगलगंज जो कि दिल्ली से लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है।जनप्रतिनिधियों की वादाखिलाफी के चलते उपेक्षा का शिकार है।चुनाव के समय बड़े बड़े नेताओं के द्वारा यहां की भोली भाली जनता को नए नए सब्जबाग दिखलाये जाते हैं।और चुनाव सम्पन्न होते ही जनसमस्याओं से किनारा कर लिया जाता है।बताते चलें लगभग 20 हजार की आबादी को अपने आँचल में समेटे कस्बे में यूं तो रेलवे स्टेशन,कई बैंक,व पशु चिकित्सालय कई शिक्षण संस्थान आदि संचालित हैं।लेकिन अस्पताल,डिग्री कालेज,यात्री प्रतीक्षालय आदि मूलभूत सुविधाओं की दृष्टि से आज भी पिछड़ा है।चुनावी मौसम में चाहें वो लोकसभा चुनाव हों या विधानसभा सभी मे कस्बे की अग्रणी भूमिका रहती है।यहां से देश के किसी भी कोने तक पहुंचने के यातायात के साधन भी हर समय उपलब्ध मिलेंगे।परिवहन निगम की लगभग सभी बसों का यहां स्टॉप है।मैगलगंज आवागमन और व्यापार के मामले में अग्रणी भूमिका रखने के सर्वथा योग्य है।देश के कोने कोने से टूरिस्ट,नेता,अभिनेता,मंत्री,आदि की गाड़ियां कस्बे से होकर गुजरती हैं।और रसगुल्लों की सोंधी खुशबू उनकी लग्जरी गाड़ियों को ब्रेक लगाने को विवश कर देती है।लेकिन दुर्भाग्य यह है कि यात्रियों के पीने योग्य जल की व्यवस्था व शौचालय का पूरे चौराहे पर कहीं कोई प्रबंध नही है।ऐसे में खासकर महिला यात्रियों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।कस्बे के चौराहे पर सुलभ शौचालय के नाम पर कभी कोई व्यवस्था ही नही की गई।वर्षों पहले जो कुछ सरकारी हैंडपंप थे ।वह भी रिबोर की स्थिति में होने पर सीधे उखड़वा दिए गए।अब या तो बाहर से आने वाले यात्री पानी का मूल्य चुका कर अपनी प्यास बुझाएं या फिर भीषण गर्मी में प्यासे रहें।अब देखना यह है कि इस समस्या पर कब जनप्रतिनिधियों की नजर पड़ती है।

*कहानी एक ऐसे अफ्रीकी मुसलमान की, जो मौजूदा समय मे दिखा रही लोगो को आईना**प्रीती तिवारी मिनर्वा न्यूज़*

*कहानी एक ऐसे अफ्रीकी मुसलमान की, जो मौजूदा समय मे दिखा रही लोगो को आईना*

*प्रीती तिवारी मिनर्वा न्यूज़*
यह बुज़ुर्ग एक अफ्रीकी मुसलमान हैं, इन्होंने बकरियों के लिए सरियों वाला जंगला बनवाया है, इसमें बकरियां लेकर जाते हैं और शाम को वापस लाते हैं, लोगों के ज़हन में यह सवाल ज़रूर उभरता और वो खुद ही उसका जवाब सोच लेते ~

"शायद जंगला बकरियों के भागने से बचाव के लिए है, या इसलिए कि बकरियां कहीं सड़क पर आती जाती गाड़ियों से टकरा ना जाएं, कोई हादसा ना हो जाए, वगैरा वगैरा ..!!"

एक रोज किसी नौजवान ने बुज़ुर्ग से पूछ लिया, "बाबा जी यह जंगला किस लिए है ..?"

कहा : "बेटा, मैं डरता हूं कहीं मेरी बकरियां किसी के खेत से कुछ चर न लें, कयामत के रोज़ बकरियों का मालिक होने की हैसियत से अल्लाह के यहां जवाब तो मुझे ही देना पड़ेगा, तब वहां क्या बहाना पेश करूंगा ..?" 

  ~अरबी पत्रिका "अल-हदत" से हिंदी अनुवाद

बरवर नगर के मोहल्ला बलराम नगर में सड़क पर जानवर बांधने का बना एक रिवाज

*बरवर नगर के मोहल्ला बलराम नगर में सड़क पर जानवर बांधने का बना एक रिवाज* अमित कुमार रिपोर्टर मिनर्वा न्यूज  *बरवर खीरी। नगर के ...