*मैगलगंज में यात्रियों के लिए न यात्री प्रतीक्षालय,न सुलभ शौचालय*
*एस.के. खान मिनर्वा न्यूज़*
*मैगलगंज खीरी*।अपने रसगुल्लों की मिठास के लिए देश प्रदेश में प्रसिद्ध कस्बा मैगलगंज जो कि दिल्ली से लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है।जनप्रतिनिधियों की वादाखिलाफी के चलते उपेक्षा का शिकार है।चुनाव के समय बड़े बड़े नेताओं के द्वारा यहां की भोली भाली जनता को नए नए सब्जबाग दिखलाये जाते हैं।और चुनाव सम्पन्न होते ही जनसमस्याओं से किनारा कर लिया जाता है।बताते चलें लगभग 20 हजार की आबादी को अपने आँचल में समेटे कस्बे में यूं तो रेलवे स्टेशन,कई बैंक,व पशु चिकित्सालय कई शिक्षण संस्थान आदि संचालित हैं।लेकिन अस्पताल,डिग्री कालेज,यात्री प्रतीक्षालय आदि मूलभूत सुविधाओं की दृष्टि से आज भी पिछड़ा है।चुनावी मौसम में चाहें वो लोकसभा चुनाव हों या विधानसभा सभी मे कस्बे की अग्रणी भूमिका रहती है।यहां से देश के किसी भी कोने तक पहुंचने के यातायात के साधन भी हर समय उपलब्ध मिलेंगे।परिवहन निगम की लगभग सभी बसों का यहां स्टॉप है।मैगलगंज आवागमन और व्यापार के मामले में अग्रणी भूमिका रखने के सर्वथा योग्य है।देश के कोने कोने से टूरिस्ट,नेता,अभिनेता,मंत्री,आदि की गाड़ियां कस्बे से होकर गुजरती हैं।और रसगुल्लों की सोंधी खुशबू उनकी लग्जरी गाड़ियों को ब्रेक लगाने को विवश कर देती है।लेकिन दुर्भाग्य यह है कि यात्रियों के पीने योग्य जल की व्यवस्था व शौचालय का पूरे चौराहे पर कहीं कोई प्रबंध नही है।ऐसे में खासकर महिला यात्रियों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।कस्बे के चौराहे पर सुलभ शौचालय के नाम पर कभी कोई व्यवस्था ही नही की गई।वर्षों पहले जो कुछ सरकारी हैंडपंप थे ।वह भी रिबोर की स्थिति में होने पर सीधे उखड़वा दिए गए।अब या तो बाहर से आने वाले यात्री पानी का मूल्य चुका कर अपनी प्यास बुझाएं या फिर भीषण गर्मी में प्यासे रहें।अब देखना यह है कि इस समस्या पर कब जनप्रतिनिधियों की नजर पड़ती है।
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