Saturday, 4 September 2021

पुलिस ने बन्द करायीं मांस की दुकानें*****************************अर्जुन राठौर मोहम्मदी

पुलिस ने बन्द करायीं मांस की दुकानें
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अर्जुन राठौर मोहम्मदी
नगर मोहम्मदी में कस्बा इंचार्ज ने बिना लाइसेंस अवैध रूप से चल रही मांस की दुकानों को बंद कराया
नगर मोहम्मदी -कस्बा चौकी इंचार्ज हर्षित सिंह जिन्होंने अभी हाल में ही कस्बा का चार्ज सम्भाला है, ने कस्बा मोहम्मदी में चल रही लगभग सभी  मांस की दुकान जो कि बिना लाइसेंस के अवैध रूप से संचालित हो रही थी को अभियान चलाकर बंद कर दिया!!

*नगर अध्यक्ष बरवर अब्दुल मुईद का मनोनयन पत्र मिलने से कार्यकर्ताओं ने मिठाई बाट कर मनाई खुशी**गुफरान खान मिनर्वा न्यूज़*

*नगर अध्यक्ष बरवर अब्दुल मुईद का मनोनयन पत्र मिलने से कार्यकर्ताओं ने मिठाई बाट कर मनाई खुशी*

*गुफरान खान मिनर्वा न्यूज़*
*बरवर खीरी* समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के निर्देशन में जिला अध्यक्ष रामपाल यादव द्वारा नगर बरवर का अब्दुल मुईद खां को नगर अध्यक्ष पद पर पुनः मनोनयन किया गया है जिससे सपा के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई आपको बताते चलें की समाजवादी पार्टी बर बर नगर के युवा नगर अध्यक्ष है काफी मेहनत एवं संघर्षशील अब्दुल मुईद नेता माने जाते हैं हमेशा पार्टी हित में काम के लिए तात्पर्य रहते हैं अभी वार्ता करने पर बताया की हमें पार्टी ने हम पर पुनः विश्वास कर जो दायित्व सौंपा है उसका मैं 100% निर्वाहन करने का काम करूंगा जो हम पर भरोसा किया गया है उस भरोसे पर पूर्णतया खरा उतरने का काम करूंगा हमेशा पार्टी के लिए समर्पित थे पार्टी के लिए समर्पित रहेंगे कार्यकर्ता सर्वोपरि है।
*बरवर खीरी* समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के निर्देशन में जिला अध्यक्ष रामपाल यादव द्वारा नगर बरवर का अब्दुल मुईद खां को नगर अध्यक्ष पद पर पुनः मनोनयन किया गया है जिससे सपा के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई आपको बताते चलें की समाजवादी पार्टी बर बर नगर के युवा नगर अध्यक्ष है काफी मेहनत एवं संघर्षशील अब्दुल मुईद नेता माने जाते हैं हमेशा पार्टी हित में काम के लिए तात्पर्य रहते हैं अभी वार्ता करने पर बताया की हमें पार्टी ने हम पर पुनः विश्वास कर जो दायित्व सौंपा है उसका मैं 100% निर्वाहन करने का काम करूंगा जो हम पर भरोसा किया गया है उस भरोसे पर पूर्णतया खरा उतरने का काम करूंगा हमेशा पार्टी के लिए समर्पित थे पार्टी के लिए समर्पित रहेंगे कार्यकर्ता सर्वोपरि है।

*चीन बनाएगा 1 किमी लंबा विशालकाय अंतरिक्षयान, रिसर्च शुरू**एस.के. खान मिनर्वा न्यूज़*

*चीन बनाएगा 1 किमी लंबा विशालकाय अंतरिक्षयान, रिसर्च शुरू*

*एस.के. खान मिनर्वा न्यूज़*
चीन हर क्षेत्र में कुछ बड़ा करने के लिए जाना जाता है. चाहे सड़क हो, चीन की दीवार हो, जनसंख्या हो या फिर कोई नई तकनीक. अब चीन एक ऐसा अंतरिक्षयान बनाना चाहता है जो दुनिया का सबसे बड़ा यान होगा. चीन की सरकार यह जांच कर रही है कि अगर 1 किलोमीटर लंबा स्पेसशिप बनाया जाए तो उसके लिए क्या-क्या करना होगा. लेकिन मुद्दा ये है कि चीन इतन बड़ा अंतरिक्षयान बनाना क्यों चाहता है? क्या उससे दुश्मन देशों पर मिसाइलें छोड़ेगा? या एक ही बार में अपना अंतरिक्ष स्टेशन बना देगा.

चीन के नेशनल नेचुरल साइंस फाउंडेशन ने इस बारे में अपने वैज्ञानिकों को रिसर्च करने को कहा है. इस फाउंडेशन को चीन की साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्रालय फंड देती है. इस रिसर्च की एक हल्की सी झलक NNSFC की एक रिपोर्ट में मिलती है. जिसमें साफतौर पर लिखा गया है कि हमें एक ऐसे विशालकाय स्पेसशिप को बनाने की तरफ जाना चाहिए, जिसका रणनीतिक महत्व हो. ताकि अंतरिक्ष में खोज हो सके, ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाया जा सके. धरती की कक्षा में ज्यादा दिन तक रहा जा सके.

फाउंडेशन ने चीन के वैज्ञानिकों को कहा है कि वो इस क्षेत्र में रिसर्च करना शुरु कर दें. हालांकि यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यान हल्का होना चाहिए. डिजाइन बेहतरीन और इसे बनाने की कीमत कम होनी चाहिए. ये यान जिन वस्तुओं से बनेगा वो ऐसे होने चाहिए जो अंतरिक्ष में ज्यादा से ज्यादा दिन टिक सकें. धरती की कक्षा में आराम से घूम सकें. सिर्फ शुरुआती फिजिबिलिटी यानी ये काम होगा या नहीं इस पर रिसर्च को करने के लिए फाउंडेशन के पास 5 साल का समय और 16.79 करोड़ का बजट है.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पूर्व टेक्नोलॉजिस्ट मैसन पेक कहते हैं कि ये किसी साइंस फिक्शन से कम नहीं होगा. आइडिया बुरा या गलत नहीं है. लेकिन यह तभी संभव होगा जब इंजीनियरिंग और फंडामेंटल साइंस का मिलन होगा. सवाल ये है कि क्या चीन इन दोनों को बेहतरीन तरीके से मिला पाएगा. हालांकि वहां के लोग दुनिया की सबसे बड़ी चीजें बनाने में माहिर हैं. लेकिन यह स्पेस साइंस है. इसमें जरा सी गलती खरबों रुपयों का नुकसान कर देती है.

*कुमार विश्वास के खिलाफ 2014 के एक केस में MP-MLA कोर्ट ने जारी किया वॉरंट**एस.के. खान - मिनर्वा न्यूज़*

*कुमार विश्वास के खिलाफ 2014 के एक केस में MP-MLA कोर्ट ने जारी किया वॉरंट*

*एस.के. खान - मिनर्वा न्यूज़*
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन समेत अन्य आरोपों से जुड़े मामले में सांसद-विधायक अदालत यानि MP-MLA कोर्ट ने गैरहाजिर रहे कवि कुमार विश्वास समेत 2 आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. अदालत के विशेष न्यायाधीश पीके जयंत ने कुमार विश्वास व सहआरोपी अजय सिंह के खिलाफ जमानती वॉरंट जारी करने एवं अन्य कार्यवाही के लिए आदेश दिया है. अदालत ने दोनों आरोपियों के जरिए अनुपस्थित रहने के बारे में कोई पर्याप्त कारण न बता पाने की वजह से कड़ा रुख अपनाया है.

बता दें कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान गौरीगंज एवं मुसाफिरखाना थाने में आम आदमी पार्टी की तरफ से लोकसभा प्रत्याशी रहे कुमार विश्वास के प्रचार में आए दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. गौरीगंज से जुड़े मामले में पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास, हरिकृष्‍ण, राकेश तिवारी अजय सिंह, बबलू तिवारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था.

*UP में सबसे पसंदीदा CM योगी, जानें अन्य चुनावी राज्यों का हाल**एस.के. खान मिनर्वा न्यूज़*

*UP में सबसे पसंदीदा CM योगी, जानें अन्य चुनावी राज्यों का हाल*

*एस.के. खान मिनर्वा न्यूज़*
उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यो में अगले साल 2022 में विधानसभा के चुनाव होने हैं. सियासी दलों ने अभी से पूरी ताकत झोंक दी है. आखिर में जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा यह तो चुनाव परिणाम के बाद ही पता चलेगा. लेकिन इससे पहले ओपिनियन पोल हुआ है जो कि एक अनुमानित परिणाम लाया है.

ओपिनियन पोल के आंकड़ों के मुताबिक यूपी में सबसे ज्यादा 40% लोग योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में फिर से देखना चाहते हैं. वहीं सपा के मुखिया अखिलेश यादव को 27% से ज्यादा लोग सीएम के फेस के तौर पर देखते हैं. बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ 14% लोग खड़े नजर आ रहे हैं. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और आरएलडी नेता जयंत चौधरी इस रेस में काफी पीछे दिख रहे हैं. प्रियंका को 3% व जयंत को 2% लोगों ने अपना पसन्द बताया है.

गोवा में मुख्यमंत्री के तौर लोगों की पहली पसंद बीजेपी के प्रमोद सावंत ही हैं. सर्वे में 33.2% ने उन्हें सीएम के तौर पर अपनी पहली पसंद बताया. उनके बाद आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को 13.8%, बीजेपी के विश्वजीत राणे को 13.6%, एमजीपी के रामकृष्ण धवालिकर 8.8%, कांग्रेस के रवि नाइक 4.5%, कांग्रेस के दिगम्बर कामत 4.5%, कांग्रेस के लुइज़िनो फलेरो 3.7%, बीजेपी के अटानासियो (बाबुश) मोनसेराटे 2.7% और अन्य को 15.2% लोगों ने बतौर सीएम अपनी पसंद माना.

उत्तराखंड में सीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर 30% लोग हरीश रावत को चाहते हैं, 23% लोग मौजूदी सीएम पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के तौर पर पसंद कर रहे हैं. इसके अलावा, अनिल बलूनी 19%, कर्नल कोठियाल 10%, सतपाल महाराज 4% और 14% लोग नए चेहरे के पक्ष में हैं.

मुख्यमंत्री के तौर पर पंजाब में 21.6% लोगों ने अरविंद केजरीवाल को पसंद किया है. वहीं 17.6% ने कैप्टन अमरिंदर सिंह, 18.8% ने सुखबीर सिंह बादल, 16.1% ने भगवंत मान, 15.3% ने नवजोत सिद्धू और 10% ने अन्य पर भरोसा जताया.

*केरल में ऑफलाइन परीक्षा पर SC ने लगाई रोक, कहा- बेतहाशा बढ़ रहे केस, बच्चों की जान खतरे में नही डाल सकते**एस.के. खान मिनर्वा न्यूज़*

*केरल में ऑफलाइन परीक्षा पर SC ने लगाई रोक, कहा- बेतहाशा बढ़ रहे केस, बच्चों की जान खतरे में नही डाल सकते*

*एस.के. खान मिनर्वा न्यूज़*
सुप्रीम कोर्ट ने केरल में 6 सितंबर से होने वाले 11वीं क्लास के ऑफलाइन एग्जाम पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा कि केरल में कोरोना के मामले बेतहाशा तरीके से बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में बच्चों की जान को खतरे में नहीं डाला जा सकता.

जस्टिस ए.एम. खानविलकर, जस्टिस  ऋृषिकेष रॉय और जस्टिस सी.टी. कुमार की खंडपीठ ने आज इस मामले पर सुनवाई की. कोर्ट ने कहा, देश में कोरोना के कुल मामलों में से करीब 70% केस केरल से जुड़े हैं. वहां पर हालात लगातार खराब चल रहे हैं. ऐसे में ऑफलाइन एग्जाम करवाने बच्चों पर खतरा बढ़ जाएगा.

कोर्ट ने कहा कि केरल सरकार ने ऑफलाइन एग्जाम आयोजित करवाने से पहले राज्य में कोरोना के हालात का गंभीरता से आकलन नहीं करवाया. इस बारे में राज्य सरकार से जवाब मांगा गया लेकिन वहां से भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला. कोर्ट ने कहा कि इस मसले पर अगली सुनवाई तक एग्जाम पर रोक का ऑर्डर जारी किया जाता है. कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 13 सितंबर की तारीख तय की है.

*नेपाल की सीमा में चीन ने किया अतिक्रमण? जांच के लिए सरकार बनाएगी हाई लेवल कमेटी**प्रीती तिवारी मिनर्वा न्यूज़*

*नेपाल की सीमा में चीन ने किया अतिक्रमण? जांच के लिए सरकार बनाएगी हाई लेवल कमेटी*

*प्रीती तिवारी मिनर्वा न्यूज़*
चीन की नजर अब नेपाल पर भी है. सितंबर 2020 में पहली बार खबर सामने आई थी कि पड़ोसी देश चीन नेपाल के हुमला जिले के लिमी इलाकों में अतिक्रमण करने में जुट गया है. हालांकि उस दौरान ये विवाद सिर्फ सुर्खियां बनकर रह गया, लेकिन अब नेपाल सरकार ने पहली बार माना है कि चीन के साथ उसका सीमा विवाद है. नेपाल सरकार ने इस मामले की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी के गठन करने का निर्णय लिया है. 

चीन की सीमा से सटे नेपाल के इलाकों में सबकुछ सही नहीं चल रहा है. नेपाल सरकार ने हिमालयी जिले हुमला में चीन के साथ सीमा विवाद का डीटेल अधय्यन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करने का फैसला किया है. नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस समिति के गठन के लिए मंजूरी दी गई. नेपाल गृह मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनने वाली इस कमेटी में नेपाल के चारों सुरक्षा निकाय के प्रतिनिधि को रखे जाने का निर्णय किया गया है.

सरकार के प्रवक्ता ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की ने कहा कि कमेटी नेपाल-चीन सीमा से जुड़ी लिमी लपचा से लेकर हुमला जिले के नमखा ग्रामीण नगरपालिका के हिल्सा तक की समस्याओं का अध्ययन करेगी. नई समिति में सर्वेक्षण विभाग, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस और सीमा विशेषज्ञों के अधिकारी शामिल होंगे. इस उच्च स्तरीय कमेटी का गठन गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव के समन्वय के तहत किया जाएगा.  कार्की ने कहा कि समिति गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपेगी. हालांकि समिति को रिपोर्ट जमा करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है.

बरवर नगर के मोहल्ला बलराम नगर में सड़क पर जानवर बांधने का बना एक रिवाज

*बरवर नगर के मोहल्ला बलराम नगर में सड़क पर जानवर बांधने का बना एक रिवाज* अमित कुमार रिपोर्टर मिनर्वा न्यूज  *बरवर खीरी। नगर के ...