*भाजपा के राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम से यूनिवर्सिटी बनवाने की घोषणा से अखिलेश यादव को तकलीफ क्यू? आखिर क्या है वजह?*
*आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*
अखिलेश यादव के एक ट्वीट से जिज्ञासा हुई और जो कहानी सामने आयी वो बड़ी दिलचस्प है ।
राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर जो सरकार एक यूनिवर्सिटी बनाने का एलान कर रही है , उसी सरकार ने राजा साहब द्वारा बनवाए गए गुरुकुल विश्वविद्यालय , वृंदावन को फ़र्ज़ी विश्वविद्यालय घोषित किया है ।
राजा साहब ने 1902 में इलाक़े में शिक्षा के प्रसार के लिए अपने बाग़ की 65 एकड़ ज़मीन गुरुकुल की स्थापना के लिए दी थी । 16 दिसंबर 1911 को महात्मा नारायण स्वामी की अगुवाई में गुरुकुल प्रारम्भ हुआ । इस गुरुकुल के स्तर का आप इससे अंदाज़ा लगा सकते हैं कि देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जी ने इसके दीक्षांत समारोह में यहाँ के स्नातको को डिग्री प्रदान की थी । इसके अलावा महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरु, लाल बहादुर शास़्त्री, गोविंद बल्लभ पंत, महामना मदन मोहन मालवीय , लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, सरोजनी नायडू जैसी विभूतियों ने भी आकर यहां का मान बढ़ाया था।
आज इस गुरुकुल की हालत दयनीय है । यहाँ के भवन जर्जर हो चुके हैं । गुरुकुल में छात्र नहीं है । भू माफिया इसकी ज़मीन पर गिद्ध दृष्टि लगाए बैठे हैं । 21 अप्रैल 2019 को आयोजित आर्य प्रतिनिधि सभा की बैठक को लेकर आर्य अशोक शर्मा का आरोप है कि सभा द्वारा गुरुकुल की सारी 65 एकड़ जमीन स्वामी बाबा रामदेव को हस्तांतरित किए जाने की योजना है। बाबा रामदेव यहां शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय बनाएंगे। इस तरह बेशकीमती जमीन को बाबा रामदेव को बेचने की प्लानिंग कर ली गई है।
इस समय केंद्र और प्रदेश दोनो जगह ऐसी सरकारें चल रही हैं जो खुद को संस्कृति और धर्म की रक्षक बताती है । एक ऐसा गुरुकुल जिसका अतीत शानदार है , जो देश विदेश में मशहूर है , जिसकी स्थापना राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी द्वारा दी गयी ज़मीन पर हुई थी , उसको बचाने का प्रयास सरकार क्यों नहीं कर रही है ?? क्या सच में यह बेशक़ीमती ज़मीन स्वामी रामदेव को स्थान्तरित हो रही है ??
अलीगढ़ में पहले से ही एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय है । वहाँ पर दूसरा विश्वविद्यालय खोलने का राजनीतिक कारण तो हो सकता है लेकिन इसका दूसरा कोई औचित्य नहीं है । मोदी जी और योगी जी को अगर सच में राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी से मुहब्बत है और वो उनके नाम से कुछ करना चाहते हैं तो मथुरा में उनके द्वारा स्थापित गुरुकुल को नए सिरे से बनाए । 65 एकड़ ज़मीन वहाँ पहले से उपलब्ध है , 35 एकड़ ज़मीन उसमें और जोड़ दे और महेंद्र प्रताप सिंह जी के नाम से एक विश्वस्तरीय गुरुकुल या आधुनिक यूनिवर्सिटी की स्थापना करे । गुरुकुल वहाँ पहले से मौजूद है , पेपर वर्क में भी ज़्यादा कुछ नहीं करना पड़ेगा । इससे मथुरा के छात्रों को भी सरकार की तरफ़ से तोहफ़ा मिल जाएगा ।
राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी को सच्ची श्रद्धांजली यही होगी कि उनके द्वारा स्थापित गुरुकुल के पुराने दिन वापस लाए जाए ।
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