Thursday, 16 September 2021

*महिला और गाय दोनों के नाम पर दंगा किया जा सकता है : क्रांति कुमार सिंह**आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*

*महिला और गाय दोनों के नाम पर दंगा किया जा सकता है : क्रांति कुमार सिंह*

*आर.जे. सिद्दीकी मिनर्वा न्यूज़*

दोनों के नाम पर सत्ता तक भी पहुंचा जा सकता है

याद करिये 2013 का चुनाव उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के नाम पर दंगे कराकर जीता गया था

गाय के नाम पर सड़क पर चलते मुसलमानों को मार मार कर पूरे देश के लोगों को धर्म के आधार पर बांटकर चुनाव जीता जा रहा है बार-बार

लेकिन आप साफ-साफ देख सकते हैं गाय और महिला दोनों के नाम पर शोर मचाने वाले नफरत फैलाने वाले दंगा करने वाले और सत्ता प्राप्त करने वाले लोगों को इन दोनों से ही कोई मतलब नहीं है

गाय सड़कों पर पॉलिथीन खा कर मर रही है बीमार और दूध ना देने वाली गायों और लाखों बैलो को गांव गांव में आवारा छोड़ दिया गया है जिसकी वजह से किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं

लेकिन यह आवारा गाय बैल गाय के नाम पर राजनीति करने वालों की चिंता का जरा भी विषय नहीं है

इसी तरह अपने धर्म की महिला के नाम पर दंगे नफरत भड़काने वाले नेता और राजनीतिक दल महिलाओं की हालत के बारे में ना कभी कुछ बोलते हैं ना काम करते हैं ना सत्ता में आने के बाद कोई नीति बनाते हैं

उल्टे यह लोग ऐसी नीतियां बनाते हैं जिससे अमीर और ताकतवर और पुरुषों का लाभ हो गरीबों महिलाओं गांव के लोगों दलितों अल्पसंख्यकों का नुकसान हो

और इनकी नीतियों का विरोध करने वाली महिलाओं अल्पसंख्यकों दलितों और आदिवासियों को यह लोग जमकर कूटते पीटते और मारते हैं

आप भूले तो नहीं होंगे जब शिक्षा महंगी करने के खिलाफ जेएनयू में विरोध किया गया था तो भाजपा के गुंडों ने किस तरह वहां घुसकर लड़कियों के सिर फाड़ डाले थे

भारतीय फासीवाद की राजनीति प्रतीकों की राजनीति है

यहां सेना एक प्रतीक है सेना के गर्व के नाम पर वोट मांगे जाएंगे लेकिन सैनिक अगर खराब खाने या कम वेतन की बात करेगा तो उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा

हिंदू के नाम पर वोट मांगे जाएंगे लेकिन करोड़ों हिंदू मजदूरों को बेरोजगार कर दिया जाएगा करोड़ों हिंदू किसानों के खिलाफ बिल ले आया जाएगा करोड़ों हिंदू नौजवानों को बेरोजगार कर दिया जाएगा

आज तक आपने आरएसएस का एक भी बयान किसानों की आत्महत्या पर देखा है महंगी होती हुई शिक्षा पर देखा है बेरोजगारी पर देखा है महिलाओं की गैर बराबरी पर देखा है?

यहां जमीनी राजनीति का विरोध है बदलाव का विरोध है असली काम करने का विरोध है

यहां नाम तो गाय महिला सेना किसान सबका लिया जाएगा लेकिन काम पूंजीपतियों का किया जाएगा

बस इतना बोल दो तो इन लोगों को आग लग जाती है और हमें देशद्रोही कह कर जेल में डालने की जुगाड़ में लग जाते हैं और गाली गलौज करने में लग जाते हैं

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